पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,“प्रकृति बचेगी तो भविष्य बचेगा” मुख्यमंत्री ने किया ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का शुभारंभ, प्रदेश में लगेंगे एक लाख पौधे।

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर, भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का दायित्व बताते हुए प्रदेशवासियों से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का अवसर है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह दिवस हमें सचेत करता है कि यदि हमें अपना और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखना है तो पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि धरती, जल, वन और पर्यावरण का संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यदि आज हम प्रकृति के प्रति संवेदनशील नहीं बने, तो जलवायु परिवर्तन आने वाले समय में मानव अस्तित्व के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, जल संकट और प्राकृतिक आपदाएं इस बात के संकेत हैं कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी धरती माता का आंगन स्वच्छ, हराभरा और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा उसके संरक्षण का भी संकल्प लें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही केंद्र सरकार के ‘सुशासन से लोककल्याण’ के 13वें वर्ष का शुभारंभ हुआ है। इसी प्रेरणा से प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से 21 जून विश्व योग दिवस तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर एक लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली एक-दूसरे के पूरक हैं। योग और प्रकृति दोनों मानव जीवन को संतुलित एवं समृद्ध बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पौधारोपण को सामाजिक जिम्मेदारी और भावनात्मक कर्तव्य के रूप में अपनाते हुए हरित, स्वच्छ और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनें।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal